शनिवार, 28 सितंबर 2024

ज्योतिष कर्तव्य व्यवहार

शास्त्र भी तीन प्रकार के हैं-ज्योतिष शास्त्र, कर्तव्य शास्त्र और व्यवहार शास्त्र। एक ही मुहूर्त में अनेकों जातक जन्मते हैं किन्तु सब अपना किया-दिया-लिया ही पाते हैं। जैसा भोग भोगना होगा वैसे ही योग बनेंगे। जैसा योग होगा वैसा ही भोग भोगना पड़ेगा यही है जीवन।

श्री चंद्र कूट वासिनी और श्री घण्डियाल देबता सिद्ध पीठ

नदी घाटी और पहाड़

आंदोलनकारी पहचान उतराखण्ड

 उतराखण्ड राज्य बने 26 साल पूरे होने जा रहे है पर नवम्बर 2000  से राज्य की सत्ता ने उतराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पहचान के लिए जो नियम थोप...