पहाड़ की संस्कृति अभी भी जिवित है भले ही इस संस्कृति को जिवितता बनाये रखने वाले कुछ गिनती के लोग क्यों न हो
लेकिन है खेत में हल लगाने के बाद कलेउ लेता किसान
नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
पहाड़ की संस्कृति अभी भी जिवित है भले ही इस संस्कृति को जिवितता बनाये रखने वाले कुछ गिनती के लोग क्यों न हो
राजनीति में कोई किसी का नहीं होता अवसर आने पर जो अपने रहते है वही नीति का निर्माण कर देते ताकि राज राज ही रहे लेकिन राजनीति यह नहीं कहती पर...