दुनिया में आपसी सहमति से बढ़कर कुछ नहीं के सूत्र को लागू करके देखे तो दुनिया में विवाद नाम का चिन्ह नजर नहीं आयेगा । आपसी सहमति से दुनिया का लोकतंत्र बदल जायेगा सरकार उस तरह काम करने लगेगी जिस तरह जनता चाहती है और जनता के खजाने से पगार लेने वाले उस नियम से काम करेंगे जिस तरह उनके लिए विधी निर्धारित है । गांव की सरकार उस तरह काम करे जिस तरह संसद और विधानसभा चलती है तो गांव में लोकतंत्र दिखेगा।आपसी सहमति का दुरूपयोग नहीं होना चाहिए। सम्पादक-शीशपाल सिंह रावत।
नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
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नदी घाटी और पहाड़
आंदोलनकारी पहचान उतराखण्ड
उतराखण्ड राज्य बने 26 साल पूरे होने जा रहे है पर नवम्बर 2000 से राज्य की सत्ता ने उतराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पहचान के लिए जो नियम थोप...
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जय हो सनातन संस्कृति का पहला सम्बोधन है और देवी की स्तुति में जय हो एक मंत्र है। सम्पादक- नदी घाटी और पहाड़।
