राजनीति में कोई किसी का नहीं होता अवसर आने पर जो अपने रहते है वही नीति का निर्माण कर देते ताकि राज राज ही रहे लेकिन राजनीति यह नहीं कहती परंतु राजनीति लोकतंत्र के लिए लोकतंत्र का और लोकतंत्र में नीति का संचालन दिखे किंतु यह सम्भव नहीं।
NADI GHATI AUR PAHAD
नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
शनिवार, 25 जुलाई 2026
सोमवार, 27 अक्टूबर 2025
रविवार, 26 अक्टूबर 2025
देवभूमि नशे की गिरप्त में
उतराखण्ड पहाड़ की अवधारणा एक राज्य जिसे देवभूमि कहा जाता बना रहने के लिए ही उतरप्रदेश से आज से 25 साल पहले युवा शक्ति मातृ शक्ति की शहादत से बना आज उतराखण्ड का बचपन नशे की गिरप्त में इस तरह जकड़ चुका गम्भीर सवाल। सूचना अधिकार, मानवाधिकार, सेवा का अधिकार कुछ भी प्रयोग करो कानून और नीति जिनके पास है वे मौन आखिर शासन और व्यवस्था जिस नियम से चलती है उसका प्रयोग क्यों नहीं देव भूमि के लिए गम्भीर सवाल सवाल ही रह गया आखिर जिम्मेदारी किसकी जो देवभूमि नशा मुक्त नहीं हो रही और बचपन नशे की गिरप्त में।
शनिवार, 25 अक्टूबर 2025
एडवेंचर की तलाश
पहाड़ में घिसघोड़ी वाली रास्ता बन जाय जिसे आधुनिक लोग एडवेंचर कहते है और यह तकनीकी जंम्पींग के नाम पर पैसा कमाने के लिए शिवपुरी श्रृषिकेष में लगी हुई है और अब देवप्रयाग के पास में निर्मित हो रही है का विचार इस सम्पादक को आया तो जरोला वाली सड़क किलोमीटर 8 पर पंयारी नामी तोक में है जो काण्डी बडेड़ा ग्राम पंचायत के रौंखड़यो नामी तोक में निवास करने वाले परिवारों के लिए भी आवागमन का साधन बन सुलभ और मनोरंजन के लिए एडवेंचर भी रोमांच पैसा कमाने की तकनीकी भी कुछ तो बेरोजगारी हटेगी और पलायन रूकेगा और शुद्ध हवा भी फेफड़ों के लिए। यह तभी सम्भव होगा जब घिसघोड़ी डिजाइन का एडवेंचर बनेगा। सम्पादक- नदी घाटी और पहाड़।
गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025
भैया दूज
आज भैया दूज का त्यौहार यम अपनी बहिन यमुना से मिलने जाता और यमुना अपने भाई से बचन लेती कि आज भैया दूज के दिन महाकाल किसी को काल ग्रस्त न बनाये भले ही आज के दिन उसका काल क्यों न हो का बचन महाकाल अपनी बहिन को देता भैया दूज त्योहार सनातन संस्कृति ।
गुरुवार, 11 सितंबर 2025
राजनीति
राजनीति में कोई किसी का नहीं होता अवसर आने पर जो अपने रहते है वही नीति का निर्माण कर देते ताकि राज राज ही रहे लेकिन राजनीति यह नहीं कहती पर...




