बग्वाल उत्तराखंड में तीन होती है रज बग्वाल,बग्वाल,इगास।रज बग्वाल राज परिवार से सम्बन्ध,बग्वाल आम आदमी से सम्बन्ध,इगास राज परिवार और आम आदमी से सम्बन्ध।अब समय बदल गया है अब पकवान, पटाखा और प्रकाश पुंज याने भैलो की जगह रेडीमेड मिठाई, फुलझड़ी और इलेक्ट्रॉनिक लड़ीयों ने ले ली। जरूरत है परम्परा और संस्कृति के अनुकूल बग्वाल का त्योहार मनाने की आ लौट चले गांव को दिपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। शीशपाल सिंह रावत। सम्पादक_नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र।
नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
रविवार, 23 अक्टूबर 2022
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नदी घाटी और पहाड़
आंदोलनकारी पहचान उतराखण्ड
उतराखण्ड राज्य बने 26 साल पूरे होने जा रहे है पर नवम्बर 2000 से राज्य की सत्ता ने उतराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पहचान के लिए जो नियम थोप...
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जय हो सनातन संस्कृति का पहला सम्बोधन है और देवी की स्तुति में जय हो एक मंत्र है। सम्पादक- नदी घाटी और पहाड़।
