जामणीखाल में एक सैनिक विश्राम गृह है जिसे उत्तराखंड सरकार में राजस्व मंत्री रहे दिवाकर भट्ट ने जन मन की आवाज़ पर समुचित सरकार व व्यवस्था से बनवाया आज आवाजाही गतिमान है इसके आगे की तरफ चोटी नीले आसमान के नीचे दिख रही १०किमी दूरी चंद्रवदनी मंदिर है और इधर की तरफ १किमी दूरी पर भोगवती नदी के किनारे नागेश्वर महादेव हैं । समुचित सरकार और समुचित व्यवस्था धार्मिक पर्यटन को बढावा दे सके तो गांव की जवानी गांव की कहानी को सजाने संवारने में भूमिका निभा सकते हैं तथा उत्तराखंड राज्य जिस उद्देश्य के लिए मांगा गया आ लौट चले गांव को कृतार्थ कर सकते हैं।
नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
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नदी घाटी और पहाड़
आंदोलनकारी पहचान उतराखण्ड
उतराखण्ड राज्य बने 26 साल पूरे होने जा रहे है पर नवम्बर 2000 से राज्य की सत्ता ने उतराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पहचान के लिए जो नियम थोप...
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जय हो सनातन संस्कृति का पहला सम्बोधन है और देवी की स्तुति में जय हो एक मंत्र है। सम्पादक- नदी घाटी और पहाड़।

