जिस तरह होली रंगों का त्योहार है अनेक रंग मिल कर मितव्ययिता सौम्यता सांमजस्यता का परिचायक बनते है उसी तरह मनुष्य को भी मनुष्यता का परिचायक बनना चाहिए तभी होली के रंग सार्थक दिखेंगे। सम्पादक- शीशपाल सिंह रावत।
नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
जिस तरह होली रंगों का त्योहार है अनेक रंग मिल कर मितव्ययिता सौम्यता सांमजस्यता का परिचायक बनते है उसी तरह मनुष्य को भी मनुष्यता का परिचायक बनना चाहिए तभी होली के रंग सार्थक दिखेंगे। सम्पादक- शीशपाल सिंह रावत।