उतराखण्ड राज्य बने 26 साल पूरे होने जा रहे है पर नवम्बर 2000 से राज्य की सत्ता ने उतराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पहचान के लिए जो नियम थोपे है उनका और कागज की औपचारिकताओ को पूरा करना उतराखण्ड राज्य आंदोलनकारी सम्मान पाना सबके लिए सहज नहीं हो सका पर राज्य सरकार ने अभी भी आंदोलनकारी पहिचान पत्र बनवाने के लिए प्रत्येक जिले में एक समिति बनवाई हुई है से समुचित व्यवस्था राज्य के भीतर प्रत्येक परिवार से एक सदस्य को आंदोलनकारी पहिचान पत्र उपलब्ध करवाती जो कि सत्य है के लिए ऐसा नियम न होना एक गम्भीर सवाल राज्य बनने के पीछे का सवाल अभी तक जन गण मन की आवाज आवाज ही है का सम्मान जरूरी । सम्पादक- नदी घाटी और पहाड़।
नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
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नदी घाटी और पहाड़
आंदोलनकारी पहचान उतराखण्ड
उतराखण्ड राज्य बने 26 साल पूरे होने जा रहे है पर नवम्बर 2000 से राज्य की सत्ता ने उतराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पहचान के लिए जो नियम थोप...
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जय हो सनातन संस्कृति का पहला सम्बोधन है और देवी की स्तुति में जय हो एक मंत्र है। सम्पादक- नदी घाटी और पहाड़।
