चंद्रवदनी क्षेत्र पर्यटन का हब बनने पर आ लौट चले गांव को दिखना शुरू हो जायेगा यह तभी संभव होगा जब विधानसभा देवप्रयाग और विधानसभा टिहरी से चुने हुए प्रतिनिधि समुचित सरकार और समुचित व्यवस्था तक आवाज़ बुलंद कर सकेंगे। पर्यटन का हब बनने के लिए काण्डीखाल,कण्डय्याल गांव,पठोई पाणी ,गढोलिया गेंवली मरियाब,टकोली त्यांलनी,कुण्डभरपूर मछियारी,गंवाणा बग्डवालधार त्यूणा कोटाखाल,नैखरी,चूरेंडा एकपाद भैरव मंदिर और और इनके बीच का जंगल का क्षेत्र और गांव में चंद्रवदनी मंदिर तक छोटे छोटे होटल नुमा झोपड़ीयां जिसमें पर्यटक आराम भी कर सके पहाड़ का व्यंजन का स्वाद भी ले सके तपस्या भी कर सके योगा पहाड़ पर चढ़ने ट्रेनर आदि के संसाधनों की उपलब्धता समुचित सरकार और समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कर सके तथा टिहरी झील से और जामणीखाल गैरगोदी से चंद्रवदनी मंदिर तक ट्राली लग जाय तो खासपटटी अपनी पुरानी रौ में नजर आएंगी यह तभी संभव होगा जब आप और हम एक मंच पर खड़े होकर काम करें। सम्पादक।
नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
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नदी घाटी और पहाड़
आंदोलनकारी पहचान उतराखण्ड
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जय हो सनातन संस्कृति का पहला सम्बोधन है और देवी की स्तुति में जय हो एक मंत्र है। सम्पादक- नदी घाटी और पहाड़।
