आजादी के अमर सैनानियों, जिवित सैनानियों तथा उनके आश्रित परिवारों के प्रति यह देश का लोकतंत्र नतमस्कता रहेगा कारण आजादी के सैनानी ही न होते तो आज भारत में लोकतंत्र भी न होता पर सच्ची नतमस्कता तभी दिखेगी जब जम्बूद्वीप भारत देश के प्रत्येक उन गांवों में जिस गांव का आजादी के अमर सैनानियों या जिवित सैनानियों के नाम का प्रमाणपत्र समुचित सरकार व व्यवस्था के द्वारा जारी किया गया है के नाम से उस गांव में प्रवेश द्वार हो, सड़क हो, पेयजल आपूर्ति हो, स्वास्थ्य केंद्र हो, लाइब्रेरी हो,शिक्षा का मंदिर हो, भारतीय सनातन संस्कृति का केन्द्र हो इन सबकी जिम्मेदारी गांव की निधी से, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, विधायक, सांसद की निधि से हो क्यों कि ये लोकतंत्र के झण्डाबरदार है जिन पर आजादी के अमर सैनानियों का पूरा हक आने वाली पीढ़ी देखेगी आजादी के अमृत महोत्सव।
नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
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नदी घाटी और पहाड़
आंदोलनकारी पहचान उतराखण्ड
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जय हो सनातन संस्कृति का पहला सम्बोधन है और देवी की स्तुति में जय हो एक मंत्र है। सम्पादक- नदी घाटी और पहाड़।
