किसान खेती करता है उसके पास आन्दोलन करने के लिए समय नहीं जवान सीमा की रखवाली करता है उसके पास जी हजूरी करने के लिए समय नहीं। भारत में जितनी भी बंजर जमीन है वह खेती करने वाले को भारत के प्रत्येक घर से हर परिवार को दी जाय और उससे उत्पादन को किसान कहीं भी बेचे आजादी दी जाय तो मेरे देश की धरती सोना उगलना शुरू कर देगी ।इसी तरह भारत के प्रत्येक घर से हर परिवार का एक सदस्य पुत्र व पुत्री सेना का जवान बने अनिवार्य हो जाय तो मेरा गांव मेरा देश दिखने लग जायेगा। सम्पादक- नदी घाटी और पहाड़ ।
नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
सदस्यता लें
संदेश (Atom)
नदी घाटी और पहाड़
आंदोलनकारी पहचान उतराखण्ड
उतराखण्ड राज्य बने 26 साल पूरे होने जा रहे है पर नवम्बर 2000 से राज्य की सत्ता ने उतराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पहचान के लिए जो नियम थोप...
-
जय हो सनातन संस्कृति का पहला सम्बोधन है और देवी की स्तुति में जय हो एक मंत्र है। सम्पादक- नदी घाटी और पहाड़।
