छठ पूजा उत्तराखंड में भी गतिमान हो चुकी भारतीय संस्कृति अनेकता में एकता अस्त होते सूर्य को प्रणाम अपने आप में एक बड़ा सम्मान है हालांकि यह पहल बिहार से हुई उगते सूरज का जिस तरह सम्मान होता उसी तरह अस्त होते सूरज का भी सम्मान है ।
नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
छठ पूजा उत्तराखंड में भी गतिमान हो चुकी भारतीय संस्कृति अनेकता में एकता अस्त होते सूर्य को प्रणाम अपने आप में एक बड़ा सम्मान है हालांकि यह पहल बिहार से हुई उगते सूरज का जिस तरह सम्मान होता उसी तरह अस्त होते सूरज का भी सम्मान है ।