मंगलवार, 12 दिसंबर 2023

धूप सेकते निराश्रित पशुधन

 ठण्ड का प्रकोप गतिमान पकड़ रहा है आदमी के लिए सरकार ने रैन बसेरे खोल रखे है परंतु निराश्रित पशु धन जाये कंहा? ग्रामीण बाजार जामणीखाल में  पीपल के पेड़ के नीचे रात को निराश्रित पशु ठण्ड सहकर रात बिता तो लेते है और  सुबह सूरज की किरण आते ही सड़क के नीचे खेत मे जाकर धूप सेकते  आखिर सरकार को आदमी की तरह निराश्रित पशु धन के लिए जगह जगह रैन बसेरे बना देने चाहिए  ताकि निराश्रित पशु धन कुछ दिन जीवन तो जी सके


तस्वीर तथ्य। 

नदी घाटी और पहाड़

आंदोलनकारी पहचान उतराखण्ड

 उतराखण्ड राज्य बने 26 साल पूरे होने जा रहे है पर नवम्बर 2000  से राज्य की सत्ता ने उतराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पहचान के लिए जो नियम थोप...