उतराखण्ड मे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने जा रहे के लिए बूथ लेबल अधिकारी आँगनबाड़ी का काम करने वाले घर घर जाकर वोटर लिस्ट बना रहे है । गांव के गांव खाली है लेकिन जब अपने गांव की सरकार बनानी हो तो वे लोग भी वोट देने आ जाते जो गांव के मूल निवासी तो है लेकिन गांव मे नियमित रहते ही नहीं और गांव की ऐसी सरकार बना देते कि लोकतंत्र का रिमोट कंट्रोल नौकरशाही के हाथों मे 5साल तक विकास की थाह लेता रहता की अनंत प्रकिया चलती-फिरती रहतीं और लोकतंत्र उस तरंह नही दीखता जिस तरह व्यवस्था है के लिए लोकतंत्र को जिन्दा रखना है तो हर गांव मे अपनी सरकार बनाने के लिए उस गांव के जो मूलनिवासी है गांव मे नियमित रहे से ही वोटर सूची बने और आधार नम्बर लिंक हो जिससे गांव पलायन से खाली नहीं हो गांव में नियमित रहने वाले लोग ही गांव की सरकार बना कर लोकतंत्र जिन्दा रख कर गांव मे ही नियमित कार्यालय खुलवाये उस भवन पर जिस पर अब तक जनता का पैसा खर्च हो चुका की पहल जरूरी यह तभी सम्भव जब आ लौट चले गांव को गांव मे लोकतंत्र को मजबूत बनाने ।सम्पादक-शीशपाल सिंह रावत ।
नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
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नदी घाटी और पहाड़
आंदोलनकारी पहचान उतराखण्ड
उतराखण्ड राज्य बने 26 साल पूरे होने जा रहे है पर नवम्बर 2000 से राज्य की सत्ता ने उतराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पहचान के लिए जो नियम थोप...
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जय हो सनातन संस्कृति का पहला सम्बोधन है और देवी की स्तुति में जय हो एक मंत्र है। सम्पादक- नदी घाटी और पहाड़।
