ग्राम नागचौंड के नागेश्वर महादेव से लगभग 300 मीटर उपर कांतेश्वर जलधारा है और मंदिर के पास 50 मीटर दूरी पर मांतेश्वर जलधारा है सतयुग में इस जलधारा के उपर हिमालय था जो अब बदरीनारायण से भी आगे दिखाई देता इस जलधारा का जल नागेश्वर महादेव को 9 कुण्डो से प्रवाहित होता था पर आज भी इस जलधारा का जल स्वत ही गंगा जलधारा है इसी जलधारा से भोगवती नदी निकलती है जो गाँव जरोला होकर पलेठी वनगढ होकर भागीरथी नदी में मिलती आज बरसाती गधेरा दिखती कांतेश्वर मांतेश्वर महादेव चंपावत में है और कांतेश्वर मांतेश्वर जलधारा खासपटटी के नागचौंड गाँव के नागेश्वर महादेव के आसपास |
नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
मंगलवार, 28 मार्च 2023
रविवार, 12 मार्च 2023
शुक्रवार, 10 मार्च 2023
वनगढ में बने हवाई पट्टी
इस जमीन के नीचे घाटी पर वनगढ है और 6 वीं शताब्दी का सूर्य मंदिर भी तथा भागीरथी नदी 5 किमी दूरी पर है | इस जमीन से उपर गाँव जरोला जाने वाली सड़क 300 मीटर दूरी तथा इस जमीन से नीचे पलेठी वनगढ गाँव की सड़क 900 मीटर नीचे है जंहा सूर्य मंदिर है |
बुधवार, 8 मार्च 2023
गढवाली और कुमाऊँनी समृद्ध भाषा
उतराखंड में बोली जाने वाली गढवाली और कुमाऊंनी भाषा सबसे समृद्ध भाषा है लिखने पढने बोलने समझने सुनने गुनने में |
रविवार, 5 मार्च 2023
9 वीं बार बाक्सीग में स्वर्ण पदक
साक्षी बिष्ट पुत्री केदार सिंह बिष्ट गाँव त्यालनी विकास खण्ड देवप्रयाग जिला टिहरी गढ़वाल उतराखंड ने बाक्सीग प्रतियोगिता में 9 वीं बार स्वर्ण पदक हासिल किया
गुरुवार, 23 फ़रवरी 2023
खासपटटी
खासपटटी दुनिया में अपने एक ऐसे न्याय के सिद्धांत से मशहूर है जिसे करने का साहस दुनिया का कोई भी शासक नहीं कर सका था लेकिन खासपटटी के लौगों ने कर दिखाया वह न्याय का सिद्धांत था हक हकूक | खासपटटी भि लगना नदी के तट गाँव गढोलिया से शुरू होती भिलगना भागीरथी नदी के संगम देवप्रयाग तक फैलाव होकर अलकनंदा भागीरथी के संगम से फैलाव लेकर अलकनंदा नदी के तट गांव मलेथा की गाड जिस पर माधो सिह भण्डारी ने सुरग बना कर पानी मलेथा के सेरो को पहुचाया से आगे बढकर काण्डीखाल क्वीली से आगे बढ़ कर स्वाड़ी गढोलिया तक है आज दो विकास खण्ड दो विधानसभा क्षेत्र दो लोकसभा क्षेत्र में विभाजित है परन्तु है एक पटटी जिसे खासपटटी कहा जाता |
मंगलवार, 21 फ़रवरी 2023
नदी घाटी और पहाड़
आंदोलनकारी पहचान उतराखण्ड
उतराखण्ड राज्य बने 26 साल पूरे होने जा रहे है पर नवम्बर 2000 से राज्य की सत्ता ने उतराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पहचान के लिए जो नियम थोप...
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जय हो सनातन संस्कृति का पहला सम्बोधन है और देवी की स्तुति में जय हो एक मंत्र है। सम्पादक- नदी घाटी और पहाड़।







