खासपटटी दुनिया में अपने एक ऐसे न्याय के सिद्धांत से मशहूर है जिसे करने का साहस दुनिया का कोई भी शासक नहीं कर सका था लेकिन खासपटटी के लौगों ने कर दिखाया वह न्याय का सिद्धांत था हक हकूक | खासपटटी भि लगना नदी के तट गाँव गढोलिया से शुरू होती भिलगना भागीरथी नदी के संगम देवप्रयाग तक फैलाव होकर अलकनंदा भागीरथी के संगम से फैलाव लेकर अलकनंदा नदी के तट गांव मलेथा की गाड जिस पर माधो सिह भण्डारी ने सुरग बना कर पानी मलेथा के सेरो को पहुचाया से आगे बढकर काण्डीखाल क्वीली से आगे बढ़ कर स्वाड़ी गढोलिया तक है आज दो विकास खण्ड दो विधानसभा क्षेत्र दो लोकसभा क्षेत्र में विभाजित है परन्तु है एक पटटी जिसे खासपटटी कहा जाता |
नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
गुरुवार, 23 फ़रवरी 2023
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नदी घाटी और पहाड़
आंदोलनकारी पहचान उतराखण्ड
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जय हो सनातन संस्कृति का पहला सम्बोधन है और देवी की स्तुति में जय हो एक मंत्र है। सम्पादक- नदी घाटी और पहाड़।

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