काण्डी बडेड़ा गांव में धौंकल सिंह रावत का सोबन रावत के 3 पुत्र ज्योति मोती और विजय रावत हुए जिसमें ज्योति मोती रावत की 7वी पीढ़ी 8वी पीढ़ी 9 वी पीढी की संतान ने भगवती राज राजेश्वरी और कुल देवता गुरु कैलापीर का नौ दिन की पूजा सम्पन्न की।
नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
रविवार, 29 जनवरी 2023
शुक्रवार, 27 जनवरी 2023
सड़क जाम
गांव खाली हो चुके शहर भीड़ से भर चुके उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी सड़क जाम से ग्रस्त रहती यह सब पलायन से।प्रेस के सभी कार्यों को सम्पादित करने के लिए पत्रकारों को देहरादून आना जाना होता है और शहर की मुख्य सड़क जाम दिखती इसके लिए एक ही उपाय है गांव शहर की तरह विकसित किये जाय ताकि उत्तराखंड की राजधानी की सड़के जाम से मुक्त दिखे। सम्पादक।
मंगलवार, 10 जनवरी 2023
सोमवार, 9 जनवरी 2023
आपदा के मुहाने पर जोशीमठ
आदि गुरु शंकराचार्य ने उत्तराखंड के जोशीमठ नामक स्थान में पहला ज्योतिर्मठ स्थापना की से केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन का प्रवेश द्वार भी यही से आरम्भ दुनिया के लिए सनातन संस्कृति वैकुंठ धाम के दर्शन का मार्ग प्रशस्त करवाया आज दुनिया के मीडिया में जोशीमठ आपदा के मुहाने पर खड़ा हो चुका समुचित सरकार और समुचित व्यवस्था के लिए एक गम्भीर सवाल बन गया का त्वरित समाधान जरूरी। सम्पादक।
गुरुवार, 5 जनवरी 2023
धद्दी घंडय्याल
धद्दी घंडय्याल का मंदिर बडियार गढ़ में आस्था का पवित्र सिद्ध स्थल है। क्वीली पट्टी नैचुली के डांडा में घंडय्याल देबता का मूल थान है ।
बुधवार, 4 जनवरी 2023
धारी देवी
धारी देवी कल्कि काल की देबी है जो सुबह के समय बाल रूप दोपहर में योवन और गोधुलि बेला के बाद बुढ़िया माता का रूप में भक्त जनों को दर्शन देती है के लिए दिव्य नेत्र जरूरी। सम्पादक।
शनिवार, 31 दिसंबर 2022
बुधवार, 28 दिसंबर 2022
टिहरी रियासत की टिहरी
रविवार, 25 दिसंबर 2022
नागेश्वर महादेव
उत्तराखंड राज्य के जिला टिहरी गढ़वाल के ब्लाक देवप्रयाग के देवप्रयाग टिहरी मोटर मार्ग पर गांव नागचौण्ड में आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित नागेश्वर महादेव हैं जो स्वयं में महामृत्युंजय सिद्ध तीर्थ है। सम्पादक।
शनिवार, 24 दिसंबर 2022
औकात
औकात का अर्थ होता है ज्ञान। दुनिया में औकात का अर्थ धन और सम्पत्ति का अथाह सृजन से तुलना करने वाले लोग वास्तव में यह नहीं समझ पाते कि हम कह क्या रहे है औकात शब्द कहने से पहले वे स्वयं ज्ञान की कसौटी को समझें जिसे परिणाम की जानकारी है उसकी नजर में औकात का अर्थ धन और सम्पत्ति का अथाह सृजन नहीं और जो ज्ञान के परिणाम को नजरंदाज करता है उसकी नजर में धन और सम्पत्ति का अथाह सृजन ही औकात का अर्थ है। सम्पादक।
नदी घाटी और पहाड़
आंदोलनकारी पहचान उतराखण्ड
उतराखण्ड राज्य बने 26 साल पूरे होने जा रहे है पर नवम्बर 2000 से राज्य की सत्ता ने उतराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पहचान के लिए जो नियम थोप...
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जय हो सनातन संस्कृति का पहला सम्बोधन है और देवी की स्तुति में जय हो एक मंत्र है। सम्पादक- नदी घाटी और पहाड़।













