धारी देवी कल्कि काल की देबी है जो सुबह के समय बाल रूप दोपहर में योवन और गोधुलि बेला के बाद बुढ़िया माता का रूप में भक्त जनों को दर्शन देती है के लिए दिव्य नेत्र जरूरी। सम्पादक।
नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
बुधवार, 4 जनवरी 2023
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
नदी घाटी और पहाड़
आंदोलनकारी पहचान उतराखण्ड
उतराखण्ड राज्य बने 26 साल पूरे होने जा रहे है पर नवम्बर 2000 से राज्य की सत्ता ने उतराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पहचान के लिए जो नियम थोप...
-
जय हो सनातन संस्कृति का पहला सम्बोधन है और देवी की स्तुति में जय हो एक मंत्र है। सम्पादक- नदी घाटी और पहाड़।


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें