बुधवार, 7 दिसंबर 2022

ग्राम पंचायत कार्यालय नियमित खुले

 समुचित सरकार और समुचित व्यवस्था ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम पंचायत कार्यालय बनवाने पर 15लाख से अधिक की धनराशि राजकोष से खर्च कर रखी है परंतु उस कार्यालय में गांव का प्रधान, गांव के केबिनेट के सदस्य, ग्राम पंचायत अधिकारी,ग्राम विकास अधिकारी आदि नहीं बैठते गम्भीर सवाल है। आम जन को इस विषय पर संविधान की जानकारी  हो इसके लिए व्यवस्था व्यवस्थित होनी चाहिए। सम्पादक।

रविवार, 4 दिसंबर 2022

मतदाता जागरूकता

 मतदाता जागरूकता होना जरूरी परंतु यह काम करेगा कौन जबकि संविधान में इसकेे लिए व्यवस्था है परंतु व्यवस्था व्यवस्था तक ही सीमित। देखा जाय किसी भी मतदान केंद्र में उस क्षेत्र के तहत चुनाव लड़ने वाला उम्मीदवार  मतदाता सूची में दर्ज मतदाता से अपने पक्ष में मतदान करने के लिए अनुनय और विनय  के साथ वे सभी प्रयास करकेजीत के लिए मत हासिल कर लेता पर यदि मतदाता संविधान सम्मत जागरूकता हासिल है तो एक ऐसा स्वस्थ लोकतंत्र दिखेगा जिसकी कल्पना सम्भव नहीं  पर जरूरी है  मतदाता जागरूकता इसके लिए स्वयं सेवी संस्थाओं को आगे आना चाहिए।

बुधवार, 23 नवंबर 2022

बीडीसी बैठक

 २२/११/२०२२को १२बजे बीडीसी बैठक ब्लाक मुख्यालय हिण्डोला खाल के सभागार में शुरू तो हुई परंतु १२बजकर ४८मिनट पर ग्राम पंचायतों से एन ओ सी के मुद्दे पर स्थगित हुई जो लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं।



बुधवार, 16 नवंबर 2022

पलायन से खाली होते पहाड़ के गांव

 राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर पहाड़ के लिए एक गम्भीर सवाल पलायन से खाली होते पहाड़ के  गांव आज चिंतन मनन का विषय बन चुका समुचित सरकार और समुचित व्यवस्था  अब उन खाली होते गांव के लिए सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य की प्राथमिक सुविधाओं पर जनता का पैसा खर्च कर रही स्वयं में सवाल है । जब गांव के लिए सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत थी और गांव में लोग रहते थे तब न सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य  की प्राथमिक सुविधा सुलभ हुई अब न उतने लोग गांव में हैं जितने परिवार रजिस्टर और मतदाता सूची में नाम दर्ज है पर पहाड़ के गांव अब सुरक्षित नहीं । समुचित व्यवस्था और समुचित सरकार प्रत्येक गांव को  गांव से जोड़ने वाली सड़क , बिजली, पानी, स्वास्थ्य  की प्राथमिक सुविधाओं पर निगरानी तंत्र बनाये ताकि पलायन से खाली होते  पहाड़ के गांव और उन गांवों में  ऐन केन प्रकारेण स्वयं के संसाधनों से अपनी आजीविका  का निर्वहन करते लोग सुरक्षित, संरक्षित रहे ताकि एक संस्कृति जिवित दिखे जिससे आ लौट चले गांव को गांव सजाने संवारने सुरक्षित संरक्षित रखने में वे लोग भी सहभागिता निभा सके  जो गांव से पलायन कर चुके।


राष्ट्रीय प्रेस दिवस

 राष्ट्रीय प्रेस दिवस की सभी जन मन को हार्दिक शुभकामनाएं। पत्रकारिता जन मन की आवाज़ को समुचित सरकार और समुचित व्यवस्था तक पहुंचाने का काम करता है तथा समुचित सरकार और समुचित व्यवस्था जन मन के लिए क्या क्या काम कर चुकी,कर रही, करेगी, करने जा रही प्रेस के द्वारा ही जनता के लिए अग्रसारित करती है पर पत्रकारिता जग जन मन की आवाज़ है । सम्पादक-नदी घाटी और पहाड़।

बुधवार, 2 नवंबर 2022

इगास

उत्तराखंड में इगास के त्योहार के लिए उत्तराखंड की समुचित सरकार ने छुट्टी का शासनादेश जारी किया ताकि सभी लोग अपने स्तर से इगास का त्योहार मना सकें वैसा देखा जाय इगास  सूर्य के ध्वज वाहक का प्रतिक भी है कार्तिक शुक्ल पक्ष नवमी को सतयुग का जन्म हुआ और एकादशी के दिन प्रकाश पुंज याने भैलो बनाकर लोग सूर्य के ध्वज को  खेल खेल में नमन करते।

सोमवार, 31 अक्टूबर 2022

टनल पार्किंग बने


 ग्रामीण बाजार जामणीखाल सिद्धपीठ चंद्रवदनी मंदिर का देवप्रयाग टिहरी मोटर मार्ग से प्रवेश द्वार है जंहा पर १००के लगभग दुकानदार अपनी आजिविका का निर्वहन करते हैं परन्तु उनकी दुकानों के आगे वाहन खड़े रहते है जिससे ग्राहक खसकने में भलाई समझते हैं  जबकि बाजार में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं व्यवस्था मौन इस समस्या का समाधान है टनल पार्किंग बने।टनल पार्किंग बनाने के लिए इस सम्पादक ने तस्वीर प्रस्तुत की  समुचित सरकार और समुचित व्यवस्था तस्वीर वाली जगह का मौका मुआयना कर जन मन की आवाज़ जिससे व्यापक लोकहित सधे से कृतार्थ करें।

रविवार, 23 अक्टूबर 2022

बग्वाल

 बग्वाल उत्तराखंड में तीन होती है रज बग्वाल,बग्वाल,इगास।रज बग्वाल राज परिवार से सम्बन्ध,बग्वाल आम आदमी से सम्बन्ध,इगास राज परिवार और आम आदमी से सम्बन्ध।अब समय बदल गया है अब पकवान, पटाखा और प्रकाश पुंज याने भैलो की जगह रेडीमेड मिठाई, फुलझड़ी और इलेक्ट्रॉनिक लड़ीयों ने ले ली। जरूरत है परम्परा और संस्कृति के अनुकूल बग्वाल का त्योहार मनाने की आ लौट चले गांव को दिपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। शीशपाल सिंह रावत। सम्पादक_नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र।

गुरुवार, 20 अक्टूबर 2022

जामणीखाल में सैनिक विश्राम गृह

 

जामणीखाल में एक सैनिक विश्राम गृह है जिसे उत्तराखंड सरकार में राजस्व मंत्री रहे दिवाकर भट्ट ने जन मन की आवाज़ पर समुचित सरकार व व्यवस्था से बनवाया आज आवाजाही गतिमान है इसके आगे की तरफ चोटी नीले आसमान के नीचे दिख रही १०किमी दूरी चंद्रवदनी मंदिर है और इधर की तरफ १किमी दूरी पर  भोगवती नदी के किनारे नागेश्वर महादेव हैं । समुचित सरकार और समुचित व्यवस्था धार्मिक पर्यटन को बढावा दे सके तो गांव की जवानी गांव की कहानी को सजाने संवारने में भूमिका निभा सकते हैं तथा उत्तराखंड राज्य  जिस उद्देश्य के लिए मांगा गया आ लौट चले गांव को कृतार्थ कर सकते हैं।

सोमवार, 17 अक्टूबर 2022

चन्द्रेश्वर महादेव से चंद्रवदनी


 पत्रकारिता पैदल पथ पर चलने से इस सम्पादक ने पैण्डुला गांव से खासपटटी की इष्ट देवी चंद्रवदनी का प्राकृतिक सौंदर्य देखा तस्बीर ली।इस चन्द्रकूट पर्वत से चंद्रभागा नदी निकलती है जो भाषो में भागीरथी नदी में मिलती है के किनारे पुनाणू गांव के पास चन्द्रेश्वर महादेव का मंदिर है जिसकी सीध परचंद्रवदनी मंदिर है जहां शिव शक्ति मय हुए और अपने कैलाश पर्वत पर आसीन हुए।



शुक्रवार, 14 अक्टूबर 2022

मुफ्त अनाज

 मुफ्त अनाज की योजना कब तक चलेगी यह हमारे नीति नियंताओं के उपर निर्भर है  जबकि कोरोनावायरस का इतना भय नहीं फिर भी वायरस है जो अलग अलग गुण रंग रूप से अपना प्रभाव बनाए हुए है तथा बढ़ती मंहगाई व् रुपए की कमजोरी ने केन्द्र सरकार को मुफ्त अनाज  योजना चलाये रखने के लिए विचार किया और यह अभी गतिमान है।

नदी घाटी और पहाड़

आंदोलनकारी पहचान उतराखण्ड

 उतराखण्ड राज्य बने 26 साल पूरे होने जा रहे है पर नवम्बर 2000  से राज्य की सत्ता ने उतराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पहचान के लिए जो नियम थोप...