मीडिया की जरूरत आम आदमी को क्यों जबकि आम आदमी सक्षम है अपनी बात समुचित व्यवस्था व समुचित सरकार तक पहुंच बनाये रखने में कारण वह मतदाता है पर गम्भीर सवाल अपने आप खड़े हो जाते और सवाल सवाल ही रह जाते परंतु समुचित व्यवस्था व समुचित सरकार सवाल खड़े न हो के लिए लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ मीडिया से भयभीत रहती कारण उसे सवाल पूछने का अधिकार है और सवाल का जबाव पाने का भी जिस दिन मीडिया इस तथ्य से भिज्ञ होगी मीडिया सक्रिय । मीडिया से आम आदमी अपेक्षित रहता है तब जब विधायिका कार्यपालिका न्यायपालिका से आम आदमी उपेक्षित हो जाय की अपेक्षा ही वह मीडिया चाहे प्रिंट, वेबसाईट, आनलाइन, सोशल नेटवर्किंग क्यों न हो मीडिया है लोकतंत्र का सजग प्रहरी।
नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
गुरुवार, 24 जून 2021
शुक्रवार, 21 मई 2021
मंगलवार, 18 मई 2021
लाकडाउन२०२१
मई के महीने का लाकडाउन अपने आप में जीवन के प्रति जिजिविषा है। देखा जाय २०२० का लाकडाउन से ही सूचना का तथ्य समीक्षा की जाती तो २०२१ लाकडाउन की घड़ी ही नहीं आती। भारत ही नहीं दुनिया महामारी से त्रसित है ।
मंगलवार, 13 अप्रैल 2021
सनातन संस्कृति २०७८
सनातन संस्कृति २०७८ आरम्भ हो गया कोविड कोरोना महामारी का भय दुनिया में २०७७ से भय का वातावरण बना रहा वैक्सीन अनुकूल नही दिख रही सनातन संस्कृति में एक सूत्र है स्तुति। स्तुति में शक्ति है यज्ञ में सता है ।
रविवार, 4 अप्रैल 2021
सतर्कता
मंगलवार, 23 मार्च 2021
मार्च का महीना
मार्च का महीना जब शुरू होता था तो दुनिया के सभी लोग, समुचित व्यवस्था, सरकारे मार्च करने लग जाती थी परन्तु 24 मार्च 2020 से आज 2021 मार्च 23 लोग कोविड 19 नाम से उतना मार्च नहीं कर रहे जितना दुनिया की समुचित व्यवस्था लक्ष्य तय करती थी इसे कहते समय की धड़कन।
बुधवार, 10 मार्च 2021
तीरथ मुख्यमंत्री
तीरथ रावत 10 मार्च 2021को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री चुने गए अभी बीजेपी सरकार को 1साल 9 दिन और है 9 मार्च 2021को तिरवेंदर रावत ने 1451दिन की सरकार चलाकर त्यागपत्र दिया।
गुरुवार, 4 मार्च 2021
कोरोना मार्च 2020- फरवरी2021
मार्च 2020 मे कोरोना पर समुचित व्यवस्था सक्रिय हुई लाकडाउन ने अनेक खेल खिलाये में स्वत अवसर तीन धंधे सक्रिय हुए 1-भवन निर्माण 2-वाहन क्रय विक्रय और3- काम चलाऊ दुकानें खुली।अब मार्च 2021 आरम्भ हो गया कोरोनावायरस का टिकाकरण गतिविधियां संचालित हो रही लेकिन रोजगार के अवसर गतिहीन दिख रहे को पटरी पर लाने के लिए समुचित व्यवस्था आम जन के प्रति सभी प्रकार के बैकों को जबाबदेह बनाये लोकल से वोकल सक्रिय हो कर जीवन दिखेगा।
शुक्रवार, 29 जनवरी 2021
गणतंत्र
भारत का गणतंत्र महान है। 72 वें गणतंत्र पर किसान ट्रेक्टर रैली निकालते समय लालकिले पर देश के झण्डे के साथ जो हरकत की गयी वह गणतंत्र का अपमान है का अधिकार किसी को नहीं व्यवस्था जिन हाथों में हैं से वास्तव में गणतंत्र दिखा भारत का गणतंत्र महान है।
गुरुवार, 24 दिसंबर 2020
जल जीवन मिशन
जल जीवन मिशन हर घर के लिए एक नल अति सुन्दर योजना है परन्तु यह उस तरह जमीन पर नहीं दिखेगी जिस तरह यह होनी चाहिए इसके लिए एक ही विकल्प है भारत सरकार अपने स्तर से जितने नये पाईप आधा इंच ,पौंण इंच, एक इंच के जमीन पर बिछेंगे को नापे जांचे हिसाब मिल जायेगा सामग्री का इसके बाद बिछाई गई पाइप लाइन को देखा जाय हिसाब मिल जायेगा मजदूरी का रही बात पानी की आपूर्ति की जांच इसके लिए बिछाई गई पुरानी लाईन जिस मद से भी बिछी थी को छेड़ा न जाय और न उस पर पानी चलाया जाय बल्कि उसे भी नापा जाय रिकॉर्ड रखा जाय पुराना सा पुराना सभी मदो का हिसाब मिल जायेगा और बिछाई गई जल जीवन मिशन की नई लाईन पर ही पानी का विभाग पानी चलाये तो जल जीवन मिशन का सच सामने आ जायेगा कि हर घर के लिए नल। सम्पादक_नदी घाटी और पहाड़।
रविवार, 13 दिसंबर 2020
किसान और जवान
किसान खेती करता है उसके पास आन्दोलन करने के लिए समय नहीं जवान सीमा की रखवाली करता है उसके पास जी हजूरी करने के लिए समय नहीं। भारत में जितनी भी बंजर जमीन है वह खेती करने वाले को भारत के प्रत्येक घर से हर परिवार को दी जाय और उससे उत्पादन को किसान कहीं भी बेचे आजादी दी जाय तो मेरे देश की धरती सोना उगलना शुरू कर देगी ।इसी तरह भारत के प्रत्येक घर से हर परिवार का एक सदस्य पुत्र व पुत्री सेना का जवान बने अनिवार्य हो जाय तो मेरा गांव मेरा देश दिखने लग जायेगा। सम्पादक- नदी घाटी और पहाड़ ।
नदी घाटी और पहाड़
आंदोलनकारी पहचान उतराखण्ड
उतराखण्ड राज्य बने 26 साल पूरे होने जा रहे है पर नवम्बर 2000 से राज्य की सत्ता ने उतराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पहचान के लिए जो नियम थोप...
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जय हो सनातन संस्कृति का पहला सम्बोधन है और देवी की स्तुति में जय हो एक मंत्र है। सम्पादक- नदी घाटी और पहाड़।




