शुक्रवार, 21 मई 2021

सड़क के नारदाने

 सड़क बनने के सात चरण होते हैं तब जाकर सड़क बनती है । सूचना का तथ्य को तस्वीर तथ्य





बता रही।

मंगलवार, 18 मई 2021

लाकडाउन२०२१

 मई के महीने का लाकडाउन अपने आप में जीवन के प्रति जिजिविषा है। देखा जाय २०२० का लाकडाउन से ही सूचना का तथ्य समीक्षा की जाती तो २०२१ लाकडाउन की घड़ी ही नहीं आती। भारत ही नहीं दुनिया महामारी से त्रसित है ।

मंगलवार, 13 अप्रैल 2021

सनातन संस्कृति २०७८

 सनातन संस्कृति २०७८ आरम्भ हो गया कोविड कोरोना महामारी का भय दुनिया में २०७७ से भय का वातावरण बना रहा वैक्सीन अनुकूल नही दिख रही सनातन संस्कृति में एक सूत्र है स्तुति। स्तुति में शक्ति है यज्ञ में सता है ।

रविवार, 4 अप्रैल 2021

सतर्कता

सतर्कता जरूरी है क्योंकि कोरोनावायरस अब अपने आप में ऐसा लग रहा है जैसा बिना बुलाए मेहमान हो हालांकि वैक्सीन लगाने वाले लगा रहे परन्तु वायरस की ऐसी व्यवस्था नहीं की यह नाशवान दिखे पर सतर्कता जरुरी। मास्क सामाजिक दूरी प्रथम तथा अनावश्यक भीड़-भाड़ ठीक नहीं।

मंगलवार, 23 मार्च 2021

मार्च का महीना

 मार्च का महीना जब शुरू होता था तो दुनिया के सभी लोग, समुचित व्यवस्था, सरकारे मार्च करने लग जाती  थी परन्तु 24 मार्च 2020 से आज 2021 मार्च 23 लोग  कोविड 19 नाम से उतना मार्च नहीं कर रहे जितना  दुनिया की समुचित व्यवस्था लक्ष्य तय करती थी  इसे कहते समय की धड़कन।

बुधवार, 10 मार्च 2021

तीरथ मुख्यमंत्री

 तीरथ रावत 10 मार्च 2021को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री चुने गए अभी बीजेपी सरकार को 1साल 9 दिन और है 9 मार्च 2021को तिरवेंदर रावत ने 1451दिन की सरकार चलाकर त्यागपत्र दिया।

गुरुवार, 4 मार्च 2021

कोरोना मार्च 2020- फरवरी2021

 मार्च 2020 मे कोरोना पर समुचित व्यवस्था सक्रिय हुई लाकडाउन ने अनेक खेल खिलाये में स्वत अवसर तीन धंधे सक्रिय हुए 1-भवन निर्माण 2-वाहन क्रय विक्रय और3- काम चलाऊ दुकानें खुली।अब मार्च 2021 आरम्भ हो गया कोरोनावायरस का टिकाकरण गतिविधियां संचालित हो रही लेकिन रोजगार के अवसर गतिहीन दिख रहे को पटरी पर लाने के लिए समुचित व्यवस्था आम जन के प्रति  सभी प्रकार के बैकों  को जबाबदेह बनाये लोकल से वोकल सक्रिय हो कर जीवन दिखेगा। 

शुक्रवार, 29 जनवरी 2021

गणतंत्र

 भारत  का  गणतंत्र  महान  है।  72  वें  गणतंत्र  पर  किसान  ट्रेक्टर  रैली  निकालते  समय  लालकिले पर देश के  झण्डे  के साथ  जो हरकत  की  गयी  वह  गणतंत्र  का  अपमान  है  का अधिकार  किसी को   नहीं  व्यवस्था  जिन  हाथों  में हैं से  वास्तव  में  गणतंत्र  दिखा भारत  का  गणतंत्र  महान  है।

गुरुवार, 24 दिसंबर 2020

जल जीवन मिशन

 जल जीवन मिशन हर घर के लिए एक नल अति सुन्दर योजना है परन्तु यह उस तरह जमीन पर नहीं दिखेगी जिस तरह यह होनी चाहिए इसके लिए एक ही विकल्प है भारत सरकार अपने स्तर से जितने नये पाईप आधा इंच ,पौंण इंच, एक इंच के जमीन पर बिछेंगे को नापे जांचे  हिसाब मिल जायेगा सामग्री का इसके बाद बिछाई गई पाइप लाइन  को देखा  जाय हिसाब मिल जायेगा मजदूरी का रही बात पानी की आपूर्ति की जांच इसके लिए बिछाई गई पुरानी लाईन  जिस मद से भी बिछी थी को छेड़ा न जाय और न उस पर पानी चलाया जाय बल्कि उसे भी नापा जाय रिकॉर्ड रखा जाय पुराना सा पुराना सभी मदो का हिसाब मिल जायेगा और बिछाई गई जल जीवन मिशन की नई लाईन पर  ही पानी का विभाग पानी चलाये तो जल जीवन मिशन का सच सामने आ जायेगा कि हर घर के लिए नल। सम्पादक_नदी घाटी और पहाड़।

रविवार, 13 दिसंबर 2020

किसान और जवान

  किसान खेती करता है उसके पास आन्दोलन करने के लिए समय नहीं जवान सीमा की रखवाली करता है उसके पास जी हजूरी करने के लिए समय नहीं। भारत में जितनी भी बंजर जमीन है वह खेती करने वाले को भारत के प्रत्येक घर से हर परिवार को दी जाय और उससे उत्पादन को किसान कहीं भी बेचे आजादी दी जाय तो मेरे देश की धरती सोना उगलना शुरू कर देगी ।इसी तरह भारत के प्रत्येक घर से हर परिवार का एक सदस्य पुत्र व पुत्री सेना का जवान बने अनिवार्य हो जाय तो मेरा गांव मेरा देश दिखने लग जायेगा। सम्पादक- नदी घाटी और पहाड़ ।

मंगलवार, 1 दिसंबर 2020

सूचना एक संवेदनशील तथ्य

 सूचना एक संवेदनशील तथ्य है लेकिन आम आदमी इसे नहीं समझता । समुचित व्यवस्था बिना सूचना के रति भर आगे नहीं बढ़ सकती यह लोकतंत्र का मूल मंत्र है।आम आदमी को सूचना के तथ्यों की अहमियत का ज्ञान जरूरी जिस दिन सूचना आम आदमी तक गाह्य हो जायेगी व्यवस्था लोकतंत्र के अनुकूल दिखेगी। सम्पादक-शीशपाल सिंह रावत।

नदी घाटी और पहाड़

आंदोलनकारी पहचान उतराखण्ड

 उतराखण्ड राज्य बने 26 साल पूरे होने जा रहे है पर नवम्बर 2000  से राज्य की सत्ता ने उतराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पहचान के लिए जो नियम थोप...