जल जीवन मिशन की सच्चाई देखनी है तो गाँव में आये यदि हर घर नल लगे होते नल पर जल होता तो लोग धारे पर इस तरह भीड़ नहीं लगाते तस्वीर तथ्य।
नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
गुरुवार, 22 जून 2023
बुधवार, 21 जून 2023
बीडीसी बैठक देवप्रयाग
21 जून 23 को बीडीसी की बैठक हुई में प्रधान संघ के अध्यक्ष ने सदन के माध्यम से कहा कि पिछली बैठक में जनता के जो सवाल जन प्रतिनिधियो के द्वारा उठाये गए पर जो कारर्वाई की गई वह इस सदन को बताये पर जब सकारात्मक जबाब नही मिला तब जिले से आये एक अधिकारी ने सूचना का तथ्य जनता और जनप्रतिनिधियों को समयावधि के भीतर देने के लिए आदेश दिया।
गुरुवार, 15 जून 2023
घास के लिए लगती बंजर खेतों में आग
गाँव में निवास करने वाले लोग कम है जिससे खेती बंजर , बंजर खेतों में लोग आग लगा देते कि अनाज नहीं तो घास ही सही, बंजर खेत से आग पास के जंगल में उड़नछू हो जाती जिससे जंगल के जीव जन्तु पशु पक्षी आग की भेंट चढ जाते जबकि उनका इस समय प्रजनन काल भी रहता से जीव जन्तु पशु पक्षी का आने वाला बचपन भी भस्म हो जाता जिसका सीधा प्रभाव जलवायु परिवर्तन पर एक गम्भीर सवाल समुची दुनिया के लिए।
बुधवार, 31 मई 2023
निराश्रित पशु धन का आश्रयस्थल जामणीखाल
माँ चंद्र बदनी के चरणों में ग्रामीण बाजार जामणीखाल है इस बाजार में निराश्रित पशु धन का आश्रय स्थल है जिनके लिए पानी की कोई वयस्था नहीं भोजन के लिए इधर उधर से चर कर आ जाते अपनी पेट की भूख मिटा लेते लेकिन धूप बरसात आंधी के समय जाये कंहा समुचित सरकार गौधन के लिए व्यवस्था करें तो मूक पशुओं के प्रति मनुष्यता दिखेगी।
शनिवार, 27 मई 2023
काफल पाको जेठ
उतराखंड के खासपटटी चंद्र कूट पहाड़ के जंगलों में जेठ माह में काफल पकने लग गया परंतु जेठ माह भंयकर अंधड़ बेसमय बारीष ओले के प्रकोप से अतिक्रमण होता जा रहा काफल उस तरह पेड़ पर लकदक नहीं दिख रहा जिस तरह दिखना चाहिए था जलवायु परिवर्तन के प्रति गम्भीर सवाल ।
सोमवार, 22 मई 2023
उजाड़ होती सृजित संपत्ति
1986-87 में एक शिशु मंदिर की स्थापना जामणीखाल में हुई समुचित सरकार और समुचित व्यवस्था तथा समिति और जनता के चन्दे से संपत्ति सृजित तो हुई परन्तु आज इस भवन पर न शिक्षक और न शिक्षा ग्रहण करने वाले, उजाड़ हो चुके इस
भवन पर लोगों के द्वारा छोड़े गए निराश्रित पशु थोड़ी देर के लिए ही सही विश्राम |
मंगलवार, 16 मई 2023
कलेउ लेता किसान
पहाड़ की संस्कृति अभी भी जिवित है भले ही इस संस्कृति को जिवितता बनाये रखने वाले कुछ गिनती के लोग क्यों न हो
लेकिन है खेत में हल लगाने के बाद कलेउ लेता किसान
गुरुवार, 4 मई 2023
शनिवार, 15 अप्रैल 2023
नदी घाटी और पहाड़
आंदोलनकारी पहचान उतराखण्ड
उतराखण्ड राज्य बने 26 साल पूरे होने जा रहे है पर नवम्बर 2000 से राज्य की सत्ता ने उतराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पहचान के लिए जो नियम थोप...
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जय हो सनातन संस्कृति का पहला सम्बोधन है और देवी की स्तुति में जय हो एक मंत्र है। सम्पादक- नदी घाटी और पहाड़।











