उतराखंड के खासपटटी चंद्र कूट पहाड़ के जंगलों में जेठ माह में काफल पकने लग गया परंतु जेठ माह भंयकर अंधड़ बेसमय बारीष ओले के प्रकोप से अतिक्रमण होता जा रहा काफल उस तरह पेड़ पर लकदक नहीं दिख रहा जिस तरह दिखना चाहिए था जलवायु परिवर्तन के प्रति गम्भीर सवाल ।
नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
शनिवार, 27 मई 2023
सोमवार, 22 मई 2023
उजाड़ होती सृजित संपत्ति
1986-87 में एक शिशु मंदिर की स्थापना जामणीखाल में हुई समुचित सरकार और समुचित व्यवस्था तथा समिति और जनता के चन्दे से संपत्ति सृजित तो हुई परन्तु आज इस भवन पर न शिक्षक और न शिक्षा ग्रहण करने वाले, उजाड़ हो चुके इस
भवन पर लोगों के द्वारा छोड़े गए निराश्रित पशु थोड़ी देर के लिए ही सही विश्राम |
मंगलवार, 16 मई 2023
कलेउ लेता किसान
पहाड़ की संस्कृति अभी भी जिवित है भले ही इस संस्कृति को जिवितता बनाये रखने वाले कुछ गिनती के लोग क्यों न हो
लेकिन है खेत में हल लगाने के बाद कलेउ लेता किसान
गुरुवार, 4 मई 2023
शनिवार, 15 अप्रैल 2023
शुक्रवार, 31 मार्च 2023
मंगलवार, 28 मार्च 2023
कांतेश्वर जलधारा
ग्राम नागचौंड के नागेश्वर महादेव से लगभग 300 मीटर उपर कांतेश्वर जलधारा है और मंदिर के पास 50 मीटर दूरी पर मांतेश्वर जलधारा है सतयुग में इस जलधारा के उपर हिमालय था जो अब बदरीनारायण से भी आगे दिखाई देता इस जलधारा का जल नागेश्वर महादेव को 9 कुण्डो से प्रवाहित होता था पर आज भी इस जलधारा का जल स्वत ही गंगा जलधारा है इसी जलधारा से भोगवती नदी निकलती है जो गाँव जरोला होकर पलेठी वनगढ होकर भागीरथी नदी में मिलती आज बरसाती गधेरा दिखती कांतेश्वर मांतेश्वर महादेव चंपावत में है और कांतेश्वर मांतेश्वर जलधारा खासपटटी के नागचौंड गाँव के नागेश्वर महादेव के आसपास |
रविवार, 12 मार्च 2023
शुक्रवार, 10 मार्च 2023
वनगढ में बने हवाई पट्टी
इस जमीन के नीचे घाटी पर वनगढ है और 6 वीं शताब्दी का सूर्य मंदिर भी तथा भागीरथी नदी 5 किमी दूरी पर है | इस जमीन से उपर गाँव जरोला जाने वाली सड़क 300 मीटर दूरी तथा इस जमीन से नीचे पलेठी वनगढ गाँव की सड़क 900 मीटर नीचे है जंहा सूर्य मंदिर है |
बुधवार, 8 मार्च 2023
गढवाली और कुमाऊँनी समृद्ध भाषा
उतराखंड में बोली जाने वाली गढवाली और कुमाऊंनी भाषा सबसे समृद्ध भाषा है लिखने पढने बोलने समझने सुनने गुनने में |
नदी घाटी और पहाड़
आंदोलनकारी पहचान उतराखण्ड
उतराखण्ड राज्य बने 26 साल पूरे होने जा रहे है पर नवम्बर 2000 से राज्य की सत्ता ने उतराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पहचान के लिए जो नियम थोप...
-
जय हो सनातन संस्कृति का पहला सम्बोधन है और देवी की स्तुति में जय हो एक मंत्र है। सम्पादक- नदी घाटी और पहाड़।











