नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
मंगलवार, 21 फ़रवरी 2023
शुक्रवार, 17 फ़रवरी 2023
बुधवार, 15 फ़रवरी 2023
शुक्रवार, 10 फ़रवरी 2023
बुधवार, 8 फ़रवरी 2023
शनिवार, 4 फ़रवरी 2023
पंच परमेश्वर
पंच परमेश्वर होते है इसलिए पंचायत में 5 लोग चुने जाते थे जो बहुमत के आधार पर फैसला सुनाते थे आज भी यही पद्धति है लेकिन पंच परमेश्वर की तरह नहीं ! पंच परमेश्वर का फैसला 3 पंच बहुमत था जिसमें 2पंच और एक सरपंच !
रविवार, 29 जनवरी 2023
काण्डी बडेड़ा गांव में राज राजेश्वरी पाठ सम्पन्न
काण्डी बडेड़ा गांव में धौंकल सिंह रावत का सोबन रावत के 3 पुत्र ज्योति मोती और विजय रावत हुए जिसमें ज्योति मोती रावत की 7वी पीढ़ी 8वी पीढ़ी 9 वी पीढी की संतान ने भगवती राज राजेश्वरी और कुल देवता गुरु कैलापीर का नौ दिन की पूजा सम्पन्न की।
शुक्रवार, 27 जनवरी 2023
सड़क जाम
गांव खाली हो चुके शहर भीड़ से भर चुके उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी सड़क जाम से ग्रस्त रहती यह सब पलायन से।प्रेस के सभी कार्यों को सम्पादित करने के लिए पत्रकारों को देहरादून आना जाना होता है और शहर की मुख्य सड़क जाम दिखती इसके लिए एक ही उपाय है गांव शहर की तरह विकसित किये जाय ताकि उत्तराखंड की राजधानी की सड़के जाम से मुक्त दिखे। सम्पादक।
मंगलवार, 10 जनवरी 2023
सोमवार, 9 जनवरी 2023
आपदा के मुहाने पर जोशीमठ
आदि गुरु शंकराचार्य ने उत्तराखंड के जोशीमठ नामक स्थान में पहला ज्योतिर्मठ स्थापना की से केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन का प्रवेश द्वार भी यही से आरम्भ दुनिया के लिए सनातन संस्कृति वैकुंठ धाम के दर्शन का मार्ग प्रशस्त करवाया आज दुनिया के मीडिया में जोशीमठ आपदा के मुहाने पर खड़ा हो चुका समुचित सरकार और समुचित व्यवस्था के लिए एक गम्भीर सवाल बन गया का त्वरित समाधान जरूरी। सम्पादक।
गुरुवार, 5 जनवरी 2023
धद्दी घंडय्याल
धद्दी घंडय्याल का मंदिर बडियार गढ़ में आस्था का पवित्र सिद्ध स्थल है। क्वीली पट्टी नैचुली के डांडा में घंडय्याल देबता का मूल थान है ।
नदी घाटी और पहाड़
आंदोलनकारी पहचान उतराखण्ड
उतराखण्ड राज्य बने 26 साल पूरे होने जा रहे है पर नवम्बर 2000 से राज्य की सत्ता ने उतराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पहचान के लिए जो नियम थोप...
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जय हो सनातन संस्कृति का पहला सम्बोधन है और देवी की स्तुति में जय हो एक मंत्र है। सम्पादक- नदी घाटी और पहाड़।









