जिस तरह होली रंगों का त्योहार है अनेक रंग मिल कर मितव्ययिता सौम्यता सांमजस्यता का परिचायक बनते है उसी तरह मनुष्य को भी मनुष्यता का परिचायक बनना चाहिए तभी होली के रंग सार्थक दिखेंगे। सम्पादक- शीशपाल सिंह रावत।
नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
मंगलवार, 15 मार्च 2022
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नदी घाटी और पहाड़
आंदोलनकारी पहचान उतराखण्ड
उतराखण्ड राज्य बने 26 साल पूरे होने जा रहे है पर नवम्बर 2000 से राज्य की सत्ता ने उतराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पहचान के लिए जो नियम थोप...
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जय हो सनातन संस्कृति का पहला सम्बोधन है और देवी की स्तुति में जय हो एक मंत्र है। सम्पादक- नदी घाटी और पहाड़।

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