नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
रविवार, 18 दिसंबर 2022
शनिवार, 17 दिसंबर 2022
भूख
पेट को भूख जब लगती है तो वह यह नहीं देखती कि यह रसोई अमीर की है या गरीब की है उसे भोजन चाहिए। मनुष्य अन्न का कीड़ा है अन्न खाकर ही उसकी भूख मिटेगी और अन्न पाने के लिए मनुष्य यह नहीं देखता है कि यह अन्न किस श्रेणी के खेत से आया उसे अन्न चाहिए। सम्पादक।
शुक्रवार, 16 दिसंबर 2022
पूष कु मैनू
आज 16 दिसम्बर 2022 को पूष का माह आरम्भ। संवत् 2079 -80 आने के लिए अभी 15दिन है तथा दुनिया का बड़ा दिन के लिए अभी 9दिन है उस दिन से रात और दिन बराबर।
गुरुवार, 15 दिसंबर 2022
बुधवार, 14 दिसंबर 2022
जामणीखाल से केदारपुरी
जामणीखाल बाजार से चंद्रवदनी मंदिर जाने वाली सड़क पर से केदारनाथ की केदारपुरी का क्षेत्र जो आजकल बर्फ से लकदक है इस तरह दिखता तस्वीर तथ्य प्रस्तुत। सम्पादक।
शुक्रवार, 9 दिसंबर 2022
ग्राम पंचायत सरकार के माननीयों को प्रशिक्षण
ब्लाक देवप्रयाग मुख्यालय हिण्डोला खाल में दूसरे दिन सतत विकास के सम्बन्ध में प्रशिक्षण 9/12/2022 तस्वीर तथ्य।
गुरुवार, 8 दिसंबर 2022
चंद्रवदनी क्षेत्र पर्यटन का हब बने
चंद्रवदनी क्षेत्र पर्यटन का हब बनने पर आ लौट चले गांव को दिखना शुरू हो जायेगा यह तभी संभव होगा जब विधानसभा देवप्रयाग और विधानसभा टिहरी से चुने हुए प्रतिनिधि समुचित सरकार और समुचित व्यवस्था तक आवाज़ बुलंद कर सकेंगे। पर्यटन का हब बनने के लिए काण्डीखाल,कण्डय्याल गांव,पठोई पाणी ,गढोलिया गेंवली मरियाब,टकोली त्यांलनी,कुण्डभरपूर मछियारी,गंवाणा बग्डवालधार त्यूणा कोटाखाल,नैखरी,चूरेंडा एकपाद भैरव मंदिर और और इनके बीच का जंगल का क्षेत्र और गांव में चंद्रवदनी मंदिर तक छोटे छोटे होटल नुमा झोपड़ीयां जिसमें पर्यटक आराम भी कर सके पहाड़ का व्यंजन का स्वाद भी ले सके तपस्या भी कर सके योगा पहाड़ पर चढ़ने ट्रेनर आदि के संसाधनों की उपलब्धता समुचित सरकार और समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कर सके तथा टिहरी झील से और जामणीखाल गैरगोदी से चंद्रवदनी मंदिर तक ट्राली लग जाय तो खासपटटी अपनी पुरानी रौ में नजर आएंगी यह तभी संभव होगा जब आप और हम एक मंच पर खड़े होकर काम करें। सम्पादक।
राजनीति
राजनीति में कोई किसी का नहीं होता अवसर आने पर जो अपने रहते है वही नीति का निर्माण कर देते ताकि राज राज ही रहे लेकिन राजनीति यह नहीं कहती पर...
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उतराखण्ड पहाड़ की अवधारणा एक राज्य जिसे देवभूमि कहा जाता बना रहने के लिए ही उतरप्रदेश से आज से 25 साल पहले युवा शक्ति मातृ शक्ति की शहादत ...




