मंगलवार, 13 फ़रवरी 2024

वसंतपंचमी

14 फरवरी 2024  सरस्वती का दिन वसंत पंचमी अक्षर ज्ञान। सनातन संस्कृति। सम्पादक। 

मंगलवार, 16 जनवरी 2024

नदी घाटी और पहाड़ प्रिंट मीडिया 17 वें बर्ष आरम्भ

नदी घाटी और पहाड़ प्रिंट मीडिया 29 जनवरी 2008 को आरम्भ इसी जामणीखाल बाजार से प्रकाशित हुआ आज 17 वें बर्ष में प्रवेश हुआ यह सब गाँव में रहकर ही अब लौट चले गाँव को  पहल की शुरुआत भी इस सम्पादक ने अपने बालकों से  मकर संक्रान्ति के दिन  इसी ग्रामीण बाजार जामणीखाल में की ताकि हमारे पहाड़  जंहा जीवन की अमूल्य सम्पदां है हमारी घाटी जंहा जीवन की  अनमोल संस्कृति है  हमारी नदी जंहा असंख्य जीवन है सुरक्षित संरक्षित संग्रहित दिखे  के लिए  स्व रोजगार स्व वित पोषित ग्रामीण बाज़ार जामणीखाल में आरम्भ किया । पहाड़ के गाँव मानव विहीन और पशुधन विहीन खाली हो चुके यही प्रक्रिया रहेगी तो एक दिन पहाड़ में न जीवन रहेगा न संस्कृति रहेगी न जीवन जीने की अमूल्य सम्पदां आखिर यह सब पैसे के पीछे हो रहा है पैसा पहाड़ में रहकर भी कमाया जा सकता है परन्तु  ऐसा नहीं हो पा रहा समुचित सरकार और समुचित व्यवस्था भी असहाय दिख रही ।जिस उतराखंड राज्य का जन्म पहाड़ के गाँव की अवधारणा को लेकर ही हुआ और  पहाड़ के लोग वसत शहर में विदेश में  गाँव खाली । आप शहर जाओ विदेश जाओ पैसा गाँव में लगाओ गाँव सजेगा संवरेगा  सुरक्षित संरक्षित रहेगा राज्य बनाने का उद्देश्य भी  आप सबके सह से दिखेगा पहाड़ की जवानी पहाड़ का पानी पहाड़ के काम आयेगी। कुछ पहल समुचित सरकार करे कुछ पहल व्यवस्था करे और कुछ पहल आप करो  पहाड़ में अच्छी शिक्षा अच्छा स्वास्थ्य अच्छा रोजगार दिखने लगेगा दुनिया के लोग पहाड़ देखने आयेगे डालर देकर जायेगे पलायन रूकेगा। आ लौट चले गाँव की पहल साकार करे। सम्पादक। 

राजनीति

 राजनीति में कोई किसी का नहीं होता अवसर आने पर जो अपने रहते है वही नीति का निर्माण कर देते ताकि राज राज ही रहे लेकिन राजनीति यह नहीं कहती पर...