उत्तराखंड सरकार ने अपने ही बनाए देव स्थानम बोर्ड को भंग कर दिया यह घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की अब उत्तराखंड में चार धाम विकास परिषद जिस तरह काम करता था उस तरह अस्तित्व में आ जायेगा पर अन्य मंदिरों में पूर्व की तरह व्यवस्था दिखेगी । विधानसभा सत्र में यह प्रस्ताव पारित होने पर ५१ मदिर अपनी समितियों के माध्यम से संचालित होगे।
नदी घाटी और पहाड़ समाचार पत्र मे आपका स्वागत । देखे पढ़े लिखे जन गण मन की आवाज। सूचना एक संवेदनशील तथ्य ।आपके आसपास के शब्दो की खबर -सम्पादक -शीशपाल सिंह रावत। जरोला-जामणीखाल टिहरीगढवाल उतराखंड भारत 249122
मंगलवार, 30 नवंबर 2021
रविवार, 14 नवंबर 2021
इगास का त्योहार
इगास का त्योहार दीपावली का ही त्योहार है लेकिन यह त्योहार उत्तराखंड में बीर भड़ माधो सिंह भंडारी की तिब्बत को जीतने की खुशी सकुशल घर वापसी की दोहरी खुशी बग्वाल मनाने की परंपरा आज से नहीं महिपत शाह के राज्यकाल से एक परम्परा आज भी गतिमान है नवम्बर २०२१ में उत्तराखंड की समुचित सरकार ने इस लोकपर्व पर छुट्टी का शासनादेश जारी किया लोकपर्व की महत्ता इगास अपने आप में दिव्य है।
गुरुवार, 11 नवंबर 2021
छठ पूजा
छठ पूजा उत्तराखंड में भी गतिमान हो चुकी भारतीय संस्कृति अनेकता में एकता अस्त होते सूर्य को प्रणाम अपने आप में एक बड़ा सम्मान है हालांकि यह पहल बिहार से हुई उगते सूरज का जिस तरह सम्मान होता उसी तरह अस्त होते सूरज का भी सम्मान है ।
शुक्रवार, 5 नवंबर 2021
जय बाबा केदार
जय बाबा केदार की उद्घोष के साथ केदारनाथ के कपाट ६ माह के लिए बंद हुए अब देवता पूजा करेंगे देवों के देव महादेव की उसके बाद मनुष्य। केदारनाथ देवों के देव महादेव का निवास है मनुष्यों के लिए दर्शनार्थ और कैलाश पर्वत अनंत निवास है ज़हां दिव्यता के दर्शन होते यह उसके लिए जिसे दिव्य शक्ति हासिल हो।
बुधवार, 27 अक्टूबर 2021
दिपावली दीपों का त्योहार
दिपावली दीपों का त्योहार है । आज़ के व्यवसायिक युग में त्योहार हर दिन मन रहे हर दिन दीप प्रज्वलित हो रहे कल्कि काल में। दीपावली दीपों का त्योहार है।
बुधवार, 20 अक्टूबर 2021
शरद पूर्णिमा
शरद पूर्णिमा के दिन शिव और पार्वती के पुत्र कार्तिकेय का जन्म हुआ और शरद पूर्णिमा के दिन ही राधा व श्री कृष्ण ने रास लीला की चांद १६ कलाओ से इस दिन अपनी आभा से चमकता है।
रविवार, 3 अक्टूबर 2021
सरकारी स्कूल
सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूलों को पछाड़ सकते है तब जब भारत में जितने भी समुचित सरकार के मंत्री, नेता, समुचित व्यवस्था के अधिकारी, कार्मिक अपने अपने इलाके के सरकारी स्कूल में अपने बच्चों का दाखिला अनिवार्य कराये। सरकारी स्कूल के साथ सभी प्रकार की व्यवस्था सुनिश्चित दिखेंगी सभी समानता का अहसास करेंगे सभी साथ साथ रहेंगे पर सफाई से लेकर सभी विभागों के कार्मिक और अधिकारी स्कूल का दौरा करेंगे कारण उस स्कूल में उनके बच्चे पढ़ते हैं। भारत की संसद और राज्यों की विधानसभा कानून बना कर करके तो देखे सरकारी स्कूल सजेंगे संवरेंगे सुशिक्षित, सुव्यवस्थित, स्वस्थ देशभक्त नागरिक देंगें।